हिन्दी · How-to guide
हिंदी में व्यावहारिक गाइड, जो सच में निभाई जा सके
सिखाने वाले लेखन की गुणवत्ता की एक ही कसौटी है: पढ़ने के बाद पाठक वह काम कर पाया या नहीं।
पाठक कहाँ से शुरू कर रहा है
तीन बातें लिखकर सामने रखिए: वह पहले से क्या कर सकता है, उसके पास क्या है, और "पूरा हुआ" कैसा दिखता है — कोई ठोस चीज़, कोई भावना नहीं।
लिखने से पहले काम का विश्लेषण
हर क्रिया क्रम से लिखिए, वे भी जो बताने लायक़ न लगें: नए आदमी वहीं अटकते हैं। हर एक के लिए नोट कीजिए — पहले क्या तैयार चाहिए, वह क्या करेगा, सही होने का पता कैसे चलेगा, और आम तौर पर क्या बिगड़ता है।
एक क़दम कैसे लिखें
- एक क़दम में एक ही काम। "और" आए तो शायद दो हैं।
- क्रिया से शुरू कीजिए: "फ़ाइल खोलिए", न कि "आपको फ़ाइल खोलनी होगी"।
- शर्त पहले: "अगर आटा चिपके, तो आटा और मिलाइए"।
- बताइए कि अब क्या दिखना चाहिए। जाँच-बिंदु न हों तो चौथे क़दम की चूक उन्नीसवें पर पता चलती है।
- ग़लती को उसी क़दम के साथ रखिए, आख़िर के परिशिष्ट में नहीं।
हर ख़ास जानकारी जाँचिए
मॉडल पूरे भरोसे से ऐसा मेन्यू बता देता है जो है ही नहीं। बटन के नाम, संस्करण, दाम और क़ानूनी सीमाएँ असली चीज़ से मिलाइए। बिजली, गैस, खाना, दवा या पैसे से जुड़ी गाइड किसी जानकार से पढ़वाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितनी लंबी होनी चाहिए?
जितनी काम पूरा कराने के लिए ज़रूरी हो; आम तौर पर 20 से 45 हज़ार शब्द। पन्ने बढ़ाने के लिए भरना किताब को कमज़ोर करता है।
स्क्रीनशॉट डाल सकते हैं?
संपादन में डाल सकते हैं। ध्यान रहे, वे पाठ से जल्दी पुराने होते हैं।
लिखना और पहले दो अध्याय पढ़ना मुफ़्त है। पूरी किताब पढ़ने और EPUB, PDF, DOCX तथा Markdown में डाउनलोड करने के लिए एक बार US$ 9।
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